रविवार, 28 सितंबर 2008

लता जी : शोला सा लपक जाए है आवाज तो देखो

आज अपनी दीदी लता मंगेशकर का जन्मदिन है.
बधाई !
संगीत का यह आठवां सुर आज अस्सीवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है.
यह स्वर सरिता ऐसे ही बहती रहेगी-अविराम,अविरल।अनवरत...अनंत तक....

आइये सुनते है उनके गाए दो गीत जो मुझे बहुत भाते हैं -

१- काहें बंसुरिया बजवले...(फ़िल्म : हे गंगा मइया तोहे पियरी चढ़इबो)




२-अंदाज मेरा मस्ताना...(फ़िल्म : दिल अपना और प्रीत पराई)

7 टिप्‍पणियां:

Ashok Pande ने कहा…

लता मंगेशकर को जनमदिन मुबारक.

वर्षा ने कहा…

वो आवाज़ जो कानों में मिठास घोलती है,जन्मदिन मुबारक।

समयचक्र - महेद्र मिश्रा ने कहा…

lata ji ko janmadin ke avasar par dhero badhai or shubhakamanaye.

संजय पटेल ने कहा…

दादा,
लता दी न होतीं तो कितनी तारिकाएं अबोली हो जातीं ? लता ने सिर्फ़ गाने नहीं गाए; पूरे समय,भारतीयता और लाजवाब कविता का गान किया है. ज़रा सोचिये कि शास्त्रीय संगीत तो हर किसी की समझ का नहीं तो ऐसे में मेरे जैसे कितने ग़रीब कानसेन हैं कहाँ जा कर तसल्ली पाते.
प्रणाम इस कालातीत स्वर को.

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` ने कहा…

लता दीदी को
"शतम्` जीवेन शरद: "
सुमधुर गीतोँ को
सुनवाने के लिये बहुत शुक्रिया !
-लावण्या

seema gupta ने कहा…

" thanks for ur presence on my blog, very loving song of Lata Jee, thanks for sharing with us"

Regards

डॉ .अनुराग ने कहा…

शुक्रिया इस गीत को सुनवाने के लिये ....सुर की इस सम्राग्री को ढेरो शुभकामनाये