बुधवार, 21 जुलाई 2010

राइम्स इन द रेन


* आज झमाझम , नहीं ..नहीं मूसलाधार बारिश का तीसरा दिन है। इतवार की शाम पाँच बजे से जो तेज बारिश शुरू हुई थी वह आज शाम पाँच बजे के आसपास बंद - सी  हुई है। बंद क्या हुई है , इसे स्थगित होना या थमना जैसा कह सकते हैं। आज शाम को थोड़ी देर के लिए धूप भी निकली , फिर जल्द ही गायब हो गई। लगा कि पेंसिल स्केच जैसे दीखने वाले पहाड़ों के ऊपर क्षितिज पर सहसा कोई इन्द्रधनुष उदित होगा किन्तु ऐसा न हुआ। शाम हुई , धीरे - धीरे अँधियारा उतरना आरंभ हुआ और आसमान में बादलों की ओट से चाँद झाँकने लगा । पश्चिम में एक चमकीला तारा भी दिखाई दिया जिसका भला - सा नाम है।...और सहसा बादलों का घनापन बढ़ने लगा और चाँद - तारा दोनो गायब। अभी बारिश नहीं हो रही है , होनी भी नहीं चाहिए। पिछले तीन दिनों में इतना पानी बरसा है कि निचले क्षेत्रों में बाढ़ आ गई है। जिधर देखिए जल ही जल है।

 * इन तीन दिनों में बारिश को दूर चले जाने की हिदायत देने के लिए बार - बार बच्चों की किताबों में लिखी नर्सरी राइम - 'रेन रेन गो अवे, कम अगेन एनदर डे'  की याद आती रही। पता नहीं नर्सरी राइम्स कौन ,कैसे  बनाता होगा पर बारिश को दूर चले जाने की मनुहार के सिलसिले में 'रेन रेन गो अवे' की खूब याद आई और घर में बारिश में बंद होकर झींकने - खीझने- कलपने के बजाय हमने अपने परिवार में ही खूब मौज की क्योंकि जलभराव के कारण बच्चों का स्कूल बंद है। खाने - पीने की फरमाइशों और उनके सुस्वादु प्रस्तुतीकरण का दौर चल रहा है। इसी मौज में तीन नर्सरी राइम्स बन गई हैं जो एक तरह से बारिश को दूर चले जाने की मनुहार के मूड में ही लिखी गई हैं क्योंकि घर के पास वाले बूढ़े आम के पेड़ पर बैठने - बोलने वाली कोयल बारिश में गायब है और मेंढकों की कर्कश आवाज सुनाई देने लगी है, सड़क घूमने वाले छुट्टा जानवर भी कहीं दुबके पड़े हैं।  आप इन राइम्स को  देखें - पढ़ें -गुनगुनायें। वैसे ये इस अकेले नाचीज के  मौजपने  की उपज नहीं हैं बल्कि बिटिया हिमानी, बेटे अंचल और शैल का महत्वपूर्ण योगदान भी इसमें शामिल है। वैसे भी , सबको पता है कि अंग्रेजी में अपना हाथ बहुत तंग है। खैर , हमारे साथ बारिश से दूर चले जाने यानि 'रेन - रेन गो अवे' की तर्ज पर तैयार  की गईं राइमनुमा इन तीन अभिव्यक्तियों का अंग्रेजी में ही आनंद लीजिए ।आज इस बारिश के मौसम में अनुवाद का काम बंद है :




थ्री राइम्स इन द रेन
(Three Rhymes in the Rain )

01-

Cuckoo –cuckoo
come along.
I want to sing
a lovely song.

Let’s compare
who is sweet.
If you win
give me a treat.

02-

Rain - rain
leave the plain.

Go away
up the hillock.
Where is grazing
a bumpy bullock.

03-

Froggy – froggy
keep quite.
Why are you croaking
all the night?

Go to bed
bid good night.
Otherwise I ‘m
coming to fight.

5 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बड़ी सुन्दर राइम्स हैं।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

सभी बाल-कविताएँ बहुत ही सटीक और सुन्दर हैं!

Shah Nawaz ने कहा…

आपका लेख आज के जनसत्ता (Page No. 4) में छपा है.

http://www.jansattaraipur.com/

Akshita (Pakhi) ने कहा…

कित्ती प्यारी राइम..मजा आ गया.

abcd ने कहा…

हिमानी जी ,
अंचल जी
और शैल जी
मजा आ गया भई ! /